साधक साधना में उपयोग की सामग्री (नैवेद्य, भोग) तथा अपना भोजन स्वयं तैयार करें। शनि, कालसर्प, मंगलदोष, पितृदोष एक झटके में खत्म, बस शर्त ये हैं ब्रह्मचर्य व्रत का पूर्ण रूप से पालन करें। प्राचीन तंत्र शास्त्रों पर विश्वास कर साधना करें । जप के समय क्रोध, लड़ाई, चिंता आदि https://daltongxfvm.aioblogs.com/92152026/the-definitive-guide-to-dushman-shanti