ऐसा करके वे माता से शांति की प्रार्थना कर सकते हैं. फूल, कपूर, अगरबत्ती, ज्योत के साथ पंचोपचार पूजा करें। * ऐसी बीमारियां जिनका इलाज संभव नहीं है, वह भी काली की पूजा से समाप्त हो जाती हैं। मंत्र : ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं परमेश्वरि कालिके स्वाहा हर दिन अलग-अलग https://garrettscipv.blogrenanda.com/46230314/not-known-details-about-raat-11-45-se-2-30