रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि।। ऊँ ऐं हीं श्रीं हीं हूं हैं ऊँ नमो भगवते महाबल पराक्रमाय जानिए की केसे करें बिना तोड़-फोड़ के वास्तु सुधार इन्द्रजाल द्वारा पति-पत्नी के बीच अनबन को दूर करने के मंत्र Goddess Devi was happy, you picked up your chanting beads https://calvina963nno2.techionblog.com/profile